शनिवार, 2 मई 2009

आज के महोल में जो देश के हालात हैं , ऐसे में कैसे नाटक लिखे और मंचित किए जाने चाहिए कृपया मुझे राय दे ताकि मैं नए नाटक इसिस आधार पर लिख कर मंचन का प्रयास कर सकूँ । मोबाइल पर भी संपर्क कर सकते हैं - 09829082601

12 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

जाल जगत पर आपका स्वागत है।

ravikumarswarnkar ने कहा…

मध्यमवर्गीय मानसिकता सपनों की मृगमरीचिका की अंधी दौड़ में फंसी है...सब बिना कुछ किए-धिए करोड़पति बनना चाहते हैं...कुछ अपवादों को छोड़ दीजिए बाकी सब औंधे मुंह गिर रहे हैं,अपनी जमा-पूंजी भी लुटा रहे हैं...
जबकि यह व्यवस्था दे रही है...मंदी, बेरोजगारी, भूख, कुंठाएं, आत्महत्याएं..आदि..आदि...अधिकतर के लिए..

इस पर लिख मारिए....

AlbelaKhatri.com ने कहा…

aapke liye mere pas dheron shubhkamanayen hain...kripya pahale inhen sweekar kar len, bad me aapko rai bhi denge......
ALL THE BEST
-albela khatri

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

ब्लोग जगत में आपका स्वागत है। मेरे ब्लोग पर आने के बाद देखें शायद कुछ मिल जाए। आपका स्वागत है।

Manoj Kumar Soni ने कहा…

बहुत अच्छा लिखा है . मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे
वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा
http://www.manojsoni.co.nr
and
http://www.lifeplan.co.nr

gargi gupta ने कहा…

आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . लिखते रहिये
चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है

गार्गी
www.abhivyakti.tk

चंदन कुमार झा ने कहा…

चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

गुलमोहर का फूल

नारदमुनि ने कहा…

desh me itna badha natak chal hee raha hai, narayan narayan

sanjaygrover ने कहा…

हुज़ूर आपका भी ...एहतिराम करता चलूं .......
इधर से गुज़रा था, सोचा, सलाम करता चलूं ऽऽऽऽऽऽऽऽ

ये मेरे ख्वाब की दुनिया नहीं सही, लेकिन
अब आ गया हूं तो दो दिन क़याम करता चलूं
-(बकौल मूल शायर)

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

MAYUR ने कहा…

नाटक तो बस ऐसा होना चाहिए कि उस में विद्रोह हो , उखड फेकी इस सिस्टम को अपनी लिखनी से
शुभकामनाएं
आपको पढ़कर उर्जा मिलती है, यूँ ही लिखते रहिए

मयूर
अपनी अपनी डगर

आनंदकृष्ण ने कहा…

kripaya apna mobile no. sahi karen. ye number galat hai...
anandkrishan, jabalpur
mobile : 09425800818